मंगल दोष / मांगलिक दोष निवारण पूजा: विधि, महत्व और लाभ
- geetuparmar55
- 20 hours ago
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मंगल दोष (Manglik Dosh) वैदिक ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण योग माना जाता है। जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित होता है, तो उसे मांगलिक दोष कहा जाता है। यह दोष विशेष रूप से विवाह, वैवाहिक जीवन, स्वभाव और पारिवारिक सामंजस्य को प्रभावित कर सकता है। इसलिए समय पर मंगल दोष निवारण पूजा कराना बेहद लाभकारी माना जाता है।

मंगल दोष क्या है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस और शक्ति का प्रतीक है। लेकिन जब इसकी स्थिति अशुभ हो जाती है, तो व्यक्ति के जीवन में क्रोध, विवाद, देरी से विवाह, वैवाहिक तनाव या बार-बार रिश्तों में समस्या देखने को मिलती है। ऐसे में मांगलिक दोष निवारण पूजा एक प्रभावी उपाय माना जाता है।
मंगल दोष निवारण पूजा की विधि
मंगल दोष की शांति के लिए पूजा शास्त्रों के अनुसार की जाती है, जिसमें शामिल हैं:
भगवान हनुमान और भगवान शिव की विशेष पूजा
मंगल ग्रह के मंत्रों का जाप (ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः)
नवग्रह शांति हवन
रुद्राभिषेक
मंगलवार का व्रत और दान
कई मामलों में कुंभ विवाह या पीपल विवाह जैसे विशेष उपाय भी कुंडली की स्थिति के अनुसार कराए जाते हैं।
मंगल दोष निवारण पूजा के लाभ
विवाह में आ रही बाधाओं का समाधान
वैवाहिक जीवन में सुख और सामंजस्य
क्रोध और मानसिक तनाव में कमी
करियर और निर्णय क्षमता में सुधार
आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि
निष्कर्ष
यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है या विवाह में लगातार रुकावटें आ रही हैं, तो मांगलिक दोष निवारण पूजा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। सही ज्योतिषीय मार्गदर्शन के साथ की गई पूजा ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम कर सुख-शांति प्रदान करती है।



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